सीधी (मध्यप्रदेश) : मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए लॉकडाउन में बिजली बिलों के जमा नहीं हो पाने की स्थिति को देखते हुए 15 मई तक बिल जमा करने पर कोई जुर्माना वसूल नहीं करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के दायरे में घरेलू, कृषि और औद्योगिक क्षेत्र के उपभोक्ता आएंगे।
सभी श्रेणी के उपभोक्ता यदि लॉकडाउन के चलते अप्रैल और मई के बिलों का भुगतान सामान्य तारीख तक कर देते हैं तो एक प्रतिशत की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि अगले बिल में दी जाएगी।
मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने सोमवार को ऊर्जा विभाग को लॉकडाउन की वजह से बिजली कार्यालय बंद होने से बिल जमा करने में हो रही परेशानियों के मद्देनजर प्रस्ताव दिया था कि 15 मई तक बिल जमा करने पर विलंब अधिभार (जुर्माना) न लगाया जाए।
ऊर्जा विभाग ने शासन स्तर पर चर्चा करने के बाद आदेश जारी कर प्रबंध संचालक पॉवर मैनेमेंट कंपनी को बताया है कि शासन ने जनहित में निर्णय लिया है कि घरेलू उपभोक्ता 15 मई या इसके पहले तक अदा किए जाने वाले बिलों के भुगतान की तारीख 15 मई कर दी जाए।
इस अवधि तक भुगतान करने पर कोई विलंब अधिभार माफ किया जाएगा। इसी तरह कृषि उपभोक्ताओं को छह-छह माह का बिल अप्रैल और अक्टूबर में जारी किया जाता है। कृषि उपभोक्ताओं को अप्रैल को बिल मई में जमा करने पर कोई अधिभार नहीं लगाया जाएगा।
निम्नदाब के घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं एव उच्चदाब के उपभोक्ताओं के अप्रैल तक के बिल के लिए संविदा मांग पर लगने वाले स्थाई प्रभार की वसूली को स्थगित किया जाए और अप्रैल की खपत के आधार पर स्थाई प्रभार को छोड़कर अन्य चार्ज की ही वसूली की जाएगी।
यह भुगतान भी मई में ही लिया जाए। यदि कोई उपभोक्ता लॉकडाउन के दौरान अप्रैल और मई का बिजली बिल भुगतान तय समय पर करता है तो एक प्रतिशत प्रोत्साहन राशि (निम्नदाब के उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम 10 हजार और उच्चदाब के उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम एक लाख रुपये) आगामी बिल में दी जाएगी।
रिपोर्टर - शिवम कुमार शुक्ला
