![]() |
| प्रतीकत्मक तस्वीर। |
रांची : हिंदपीढ़ी क्षेत्र में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रहा है इसके बाद भी वहां के स्थानीय लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। जिला प्रशासन ने पूरे हिंदपीढ़ी क्षेत्र को सील कर दिया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। लोग अपने-अपने घरों के अंदर हैं।
इसके बावजूद इनलोगों ने अपनी जिहादी मानसिकता का परिचय देने से बाज नहीं आ रहे हैं, और इस क्षेत्र में सफाई कार्य करने वाले सफाईकर्मी, कूड़ा उठाने वाले वाहनों व इंफोर्समेंट टीम के ऊपर लोग अपने-अपने घर की छत पर खड़े होकर थूक रहे हैं। गुरुवार को इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों ने उपनगर आयुक्त रजनीश कुमार व सहायक लोक स्वास्थ्य से इस मामले को लेकर शिकायत भी की। इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि यदि हिंदपीढ़ी में लोग यूं ही उनके ऊपर थूकते रहेंगे तो वे उस क्षेत्र में सैनिटाइजेशन का काम कराने नहीं जाएंगे। इसलिए जल्द ही सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
गौरतलब है की चार अप्रैल को पार्षद के पति मो. असलम ने सैनिटाइजेशन का काम कर रहे चालक के साथ भी मारपीट किया था। उसी क्षेत्र में वहीं के लोगों ने मेडिकल टीम के साथ भी बदसलूकी की थी। आखिर ऐसी कौन सी धार्मिक शिक्षा इन लोगों को उन तब्लीगी जमात वालों के द्वारा दिया जाता है जिसका प्रदर्शन यह लोग पुरे देशभर में लगातार कर रहे हैं।
और इन सभी के बिच एक सवाल यह भी उठता है की जब चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गयी है। तो इसके बावजूद यदि इन जिहादी मानसिकता के लोगों द्वारा देश बचाने के लिए लगे उन रक्षकों पर कैसे कोई भी ऐसे घटनाओं को अंजाम दे देता है।
क्या सरकार का किसी प्रकार का दबाव है, क्योंकि सरकार ने उक्त क्षेत्र में इन सभी को नियंत्रित करने, और सरकार के योजनाओं को धरातल पर उतारने और लॉक डाउन को सफल करने के लिए मुस्लिम पुलिस अधिकारिओं की नियुक्ति कर रखी है। क्या यह सरकार द्वारा खेले गए यह साम्प्रदायिक कार्ड के खेल भी कोई असर नहीं दिखा पा रहा है।
इसके बावजूद इनलोगों ने अपनी जिहादी मानसिकता का परिचय देने से बाज नहीं आ रहे हैं, और इस क्षेत्र में सफाई कार्य करने वाले सफाईकर्मी, कूड़ा उठाने वाले वाहनों व इंफोर्समेंट टीम के ऊपर लोग अपने-अपने घर की छत पर खड़े होकर थूक रहे हैं। गुरुवार को इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों ने उपनगर आयुक्त रजनीश कुमार व सहायक लोक स्वास्थ्य से इस मामले को लेकर शिकायत भी की। इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि यदि हिंदपीढ़ी में लोग यूं ही उनके ऊपर थूकते रहेंगे तो वे उस क्षेत्र में सैनिटाइजेशन का काम कराने नहीं जाएंगे। इसलिए जल्द ही सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
गौरतलब है की चार अप्रैल को पार्षद के पति मो. असलम ने सैनिटाइजेशन का काम कर रहे चालक के साथ भी मारपीट किया था। उसी क्षेत्र में वहीं के लोगों ने मेडिकल टीम के साथ भी बदसलूकी की थी। आखिर ऐसी कौन सी धार्मिक शिक्षा इन लोगों को उन तब्लीगी जमात वालों के द्वारा दिया जाता है जिसका प्रदर्शन यह लोग पुरे देशभर में लगातार कर रहे हैं।
और इन सभी के बिच एक सवाल यह भी उठता है की जब चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गयी है। तो इसके बावजूद यदि इन जिहादी मानसिकता के लोगों द्वारा देश बचाने के लिए लगे उन रक्षकों पर कैसे कोई भी ऐसे घटनाओं को अंजाम दे देता है।
क्या सरकार का किसी प्रकार का दबाव है, क्योंकि सरकार ने उक्त क्षेत्र में इन सभी को नियंत्रित करने, और सरकार के योजनाओं को धरातल पर उतारने और लॉक डाउन को सफल करने के लिए मुस्लिम पुलिस अधिकारिओं की नियुक्ति कर रखी है। क्या यह सरकार द्वारा खेले गए यह साम्प्रदायिक कार्ड के खेल भी कोई असर नहीं दिखा पा रहा है।
