पलामू : लॉक डाउन के दौरान डाक विभाग ने रफ्तार पकड़ी है , मालूम हो कि भारतीय डाक सेवा दुनिया कि सबसे बड़ी डाक सेवा है। डाक सेवा पत्र और पैकेज देने के साथ लाखों भारतीयों के लिए एक बैंक, एक पेंशन फंड और एक प्राथमिक बचत साधन भी है। ऐसे में लॉक डाउन के दौरान लोगो की वितीय समस्या को कम करने में झारखंड में 3684 डाकघर अहम भूमिका निभा रहे है। जिनमें 90 फीसदी डाकघर ग्रामीण इलाकों में है। साथ ही डाकघर में ग्राहकों को ये सुविधा भी मिल रही है कि किसी भी बैंक का उपभोक्ता अपने पैसे अपने नजदीकी डाकघर के माध्यम से निकाल सकता है, यदि खाता आधार से लिंक हो। ऐसे में यदि किसी खाताधारक का बैंक दूर स्थित है तो उन्हें समस्या नहीं उठानी पड़ेगी ।
जानकारी हो को सरकार लॉक डाउन के दौरान सरकार गरीब , असहायों व अन्य जरूरतमंदो को पेंशन , उज्ज्वला योजना , जन धन खाता इत्यादि विभिन्न प्रकार से आर्थिक मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही है ऐसे में बैंको में लंबी लाइनें देखने को मिल रही है जो अब सामाजिक दूरी कायम करने में एक नई चुनौती बन कर उभरी है । ऐसे में अब धीरे धीरे जानकारी होने पर लोग डाकघरों को ओर रुख कर रहे है।
पलामू उतरी ज़ोन के डाक निरक्षक सुभाष पांडेय के अनुसार अब तक लॉक डाउन के अवधि में छतरपुर सहित उतरी ज़ोन में करीब बीस लाख का लेन देन सुगमता से हो चुका है , और आगे भी डाकघर इस विकट परिस्थिति में लोगो को हर सुविधा मुहैया कराने का प्रयास करेगा ।साथ ही उन्होंने बताया कि सभी डाकघरों में समाजिक दूरी व स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखा जा रहा है सभी डाकघर में सनिटाइजर भी उपलब्ध करा दिए गए है जिससे कि ग्राहकों सहित डाक कर्मी भी सुरक्षित रहे ।
संवाददाता - निरंजन सिन्हा (छतरपुर, पलामू)
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