वीर सावरकर राष्ट्रवाद के अग्रदूत,देश तोड़ने वाले जिन्ना गद्दार : डॉ सुमन कुमार - एक संदेश भारत

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मंगलवार, मई 28, 2019

वीर सावरकर राष्ट्रवाद के अग्रदूत,देश तोड़ने वाले जिन्ना गद्दार : डॉ सुमन कुमार

वीर सावरकर राष्ट्रवाद के अग्रदूत,देश तोड़ने वाले जिन्ना गद्दार : डॉ सुमन कुमार

डाॅ०सुमन कुमार (संघ प्रचारक)
टंडवा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक व हिन्दू जागरण मंच के क्षेत्रीय संगठन मंत्री,झारखण्ड-बिहार ने वीर सावरकर जी के जयंती पर नमन वंदन करते कहा कि विपरीत परिस्थितियों में,अंग्रेजों के दमन व कांग्रेस के तुष्टिकरण नीतियों के जटिल दौर में दामोदर विनायक सावरकर ने आजादी के कालखण्ड में राष्ट्रवाद के दीपक को जलाये रखा। राष्ट्रवाद व देश प्रेम के अग्रदूत थे सावरकर वहीं जिहाद रूपी खूनी सोच के वाहक जिन्ना देश को तोड़ने वाले एक देशद्रोही था। सावरकर ने कभी दो राष्ट्रनीति की बात नहीं की थी। सावरकर के देशभक्ति पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया जाना सिर्फ और सिर्फ वर्ग विशेष का तुष्टिकरण है। आज सावरकर को नकारने वाले और जिन्ना के गुणगान करने वाले वही वर्तमान टुकड़े-टुकड़े गैंग,वामपंथी,सेना के अपमान, हिन्दू आतंक के षड़यन्त्रकारी व पतनशील कांग्रेस रूपी मुगलकालीन मानसिकता के जमात है। आम चुनाव का जनादेश इस बात को स्पष्ट पुष्टि करता है कि, जिन्ना प्रेमी जमात को भारत की जनमानस ने पूरी तरह से नकार दिया है,ध्वस्त हो चुका है जिन्ना की सोच भारत से। और भारत के आम मानवीय वीर सावरकर के विचारों से असीम प्रेरणा पाता है। आज़ादी कालखण्ड में इतिहास लेखन,पाठ्यपुस्तकों के अंकन में वीर सावरकर जैसे हिन्दू वीरों की गाथा को स्थान नहीं दिया गया। स्वतन्त्र संग्राम में सिर्फ गांधी नेहरू के बलबूते पर नहीं मिली इसमे सावरकर जैसे अदम्य साहसी व्यक्ति का योगदान हैं जबकि जिन्ना की मानसिकता भारत को तोड़ने की थी,सावरकर भारत की मजबूती ,एकता के भाव मे रमे हुए थे। आज 72 साक बाद भी अगर जिन्नावादी सोच भारत की हवा में तैर रहा है तो फिर ये भारत के भविष्य के लिए शुभ कतई भी नहीं कहा जा सकता। जो नेता,जो राजनीतिक पार्टी,समूह जिन्ना की सोच को आगे बढ़ा रही है वी निश्चित जानिए मजहबी विभाजन बीज बोने के कार्य कर रहे हैं। भारत को सावरकर सोच से लाभ है,उन्नति है,तरक्की है जबकि जिन्ना की सोच खतरनाक व विभाजनकारी है। और ये किसी से छिपी हुई बात नहीं बल्कि भारत की बहुल जनमानस इस तथ्य को भलि भांति जानता व  समझता है।

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