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| पूज्य साध्वी सरस्वती जी (फाइल फोटो) |
हिन्दू जागरण मंच,झारखंड के ऑफिसियल फेसबुक पेज से ओजस्वी विचारक साध्वी सरस्वती जी ने संबोधित करते हुए कहा की विश्व इतिहास में सनातन धर्म सबसे अधिक प्राचीन है। जब दुनिया के बाकी सभ्यता विकसित भी नहिं हुई थी तब भारत मे वेद ,उपनिषद जैसे महान ग्रन्थ लिखे जा चुके थे। आज के तमाम अविष्कार वैदिक गर्न्थो में पूर्व से ही वर्णित है। दूसरे धर्मों व पंथ के नाम पर करोड़ों निर्दोष लोगों की हत्या की गई। पंथ विस्तार में लालायित दूसरे मतावलम्बियों ने हमेशा निर्दोषों की हत्याएं की। ये हम ही सनातनी लोग हैं जिन्होंने हमेशा शांति व अहिंसा ,विश्वबन्धुत्व के पदचिन्हों पर चलकर दुनिया को दिखया। मानवता के सामने सनातन जीवन पद्धति के सिवा दूसरा कोई विकल्प नहीं है और ये सनातन ही विश्व मानवता के लिए संजीवनी है।
आज मातृ दिवस है। लेकिन ये भारतीय परिपाटी नहीं है। हमारे लिए तो हर दिवस माता को समर्पित है। माँ और मातृभूमि हमें ऋण बौद्ध कराती है। मातृ दिवस के उपलक्ष्य में सभी माँ को मेरा प्रणाम। जिस प्रकार माता के कारण जगत का अस्तित्त्व है ठीक उसी समान मातृभूमि के सुरक्षित अस्तित्त्व के चलते ही हम सभी भारतवासियों का अस्तित्त्व है। हमें अपने मातृभूमि के प्रति वफादार होना चाहिए। हमारा राष्ट्र,हमारी मातृभूमि किस तरह सुरक्षित हो इसपर हम सभी भारतवासियों को प्रयत्न व चिंतन करना चाहिए। भारत का इतिहास गौरवशाली व स्वर्णिम है। हमें आने प्राचीन भारतीय दर्शन व चिंतन को हमारी पीढ़ी के साथ विश्व समुदाय को परिचित कराना होगा।
वैश्विक महामारी का संकटकाल, सभी के लिए परीक्षा की घड़ी।
कोविड 19, वैश्विक महामारी कोरोना के संकट घड़ी में हमें धैर्य व साहस से सामना करना पड़ेगा। सभी देशवासियों के लिए ये ये परीक्षा की घड़ी है। आज कोरोना संकट ने हमसभी को एक सबक दिया है कि, हम प्रकृति के प्रति गहरी आस्था रखें। प्रकृति से अधिक छेड़छाड़ व मानवीय जीवन के असंगत,गलत जीवन शैली से प्रकृति में भार बढ़ता जा रहा है। हमें इस मूल भाव को समझना चाहिये।
कोरोना वारियर्स का सम्मान करें।
अपने जान जोखिम में डालकर दिनरात हमारे लिए,हमारे जीवन को सुरक्षित रखने के लिए कोरोना फाइटर के खिलाफ किये गए दुर्व्यवहार से सभी शर्मशार हैं। भला कोई अपने ही डॉक्टर्स,नर्स,सफाई कर्मचारी पर हमला कैसे कर सकता है। जो साक्षात ईश्वर के प्रतिनिधि स्वरूप डॉक्टर्स,नर्स काम कर रहे हैं उन्हें सम्मान देना चाहिए। उनको हौसला बढ़ाना चाहिए।
भारत के नेतृत्व पर भरोसा रखें।
वर्तमान भारतीय नेतृव पर देशवासियों को भरोसा करना चाहिए। भारत पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है। कोरोना के संकट को जिस तरह नियंत्रित करने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जो दक्षता दिखाई है आज विश्व उसका गुणगान कर रहा है।
साधु संतों पर हमला प्रलय का आमंत्रण है।
पाल घर मे लॉक डॉउन के दौरान सेकडों लोगों द्वारा दो साधुओं की निर्मम हत्या मानवता पर कलंक है। निर्दोष निरीह संतो को सुनियोजित साजिश के तहत हत्या किया गया। और दुर्भाग्य देखिये, महाराष्ट्र की राजनीतिक नेतृत्व पूरे मामले को लीपापोती करने में लगा हुआ है। सन्त समाज,सनातन समाज पर अत्याचार बन्द हो।
जिहाद व आतंकवाद का महिमामंडन बन्द हो।
बीते दिनों कश्मीर में सेना द्वारा मारे गए आतंकवादी को कुछ वामपंथी,लिबरल अखबारों ने महिमामंडन किया है। ये देश मे आतंकवाद को खाद पानी देने के समान है। यदि आतंकी सोच को हम समाज के सामने गुणगान करके परोसेंगे तो देश का भविष्य व समाज का स्वरुप भविष्य में किस दिशा में जायेगा कभी इसपर लोगों ने विचार किया है। जिहादी ताकतें देश को कमजोर करने में तुली हुई हैं।
भारत विश्वगुरु की ओर अग्रसर।
अभी दो दिन भी नहीं बीतें जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ह्वाइट हाउस में वैदिक मंत्रोच्चार, शांति पाठ करवाया। अथार्थ ऑफिसियली वैश्विक समुदाय द्वारा भारत के वैदिक मंत्रों की शक्ति की सत्यता को प्रमाणित किया है। शांति मन्त्र से कोरोना मुक्ति के मार्ग प्रशस्त हो इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का ये कदम भारत के लिए गर्व करने के क्षण है। पूरी दुनिया धीरे धीरे सनातन जीवन शैली को अनुसरण करने के लिए मजबूर हो जाएगा।
